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    केंद्र सरकार कृषि कानून का विरोध कर रहे किसान संगठनों को बात चीत के लिए तैयार कर रही है

    कृषि कानून को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तकरीबन लगभग 5 महीनों चल रहा है जो दिल्ली के बॉर्डर पर लगातार जारी है उन्होंने केएमपी एक्सप्रेस वे हाईवे को जाम किया था उनकी 11वीं बार केंद्र सरकार के साथ वार्ता हो चुकी है लगभग 22 फरवरी को आखिरी वार्ता किसानों के साथ केंद्र सरकार की हुई थी किसान और केंद्र सरकार के बीच उन वार्ताओं से कोई निर्णय नहीं निकला था सरकार का हमेशा यही कहना है कि हम किसानों के साथ वार्ता करने के लिए तैयार हैं उनके लिए हमेशा रास्ते खुले हुए हैं लगभग काफी दिनों के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने अपने टि्वटर हैंडल से ट्वीट कर किसानों के लिए अपील किया कि किसान अगर बातचीत करना चाहते हैं तो केंद्र सरकार बात चित के लिए तैयार है
    केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कल अपने ट्विटर हेंडल से किसानों के लिए अपील की कहा की में किसान संगठनों से आग्रह करूँगा की वे अपना आंदोलन स्थगित करें अगर वे बातचीत के लिए हमारे पास आएंगे तो सरकार किसान संगठनों से बातचीत करने के लिए तैयार है

    भारतीय किसान यूनियन राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि अगर सरकार न्यौता भेजेगी तो बात करेंगे 22 जनवरी को जहां पर बात थमी थी वहीं से शुरू होगी तीन काले कृषि कानूनों की वापसी पर बात होएगी MSP के लिए कानून पर बात होगी हमारे मुद्दे वही रहेंगे राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार जब बात करना चाहे हम बातचीत के लिए तैयार हैं बातचीत के बिना समाधान नहीं निकलेगा यह हमें भी पता है कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के किसान संगठनों के साथ बातचीत के प्रस्ताव पर राकेश टिकैट ने कहा कि किसान अपनी मांगों पर अडिग है बातचीत किसी शर्त के साथ नहीं होगी कृषि कानून को 18 महीने के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव मंजूर नहीं है

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